Tuesday, 14 September 2021

सफल कौन ?

 पिता से झूठ बोल कर जेब खर्च लेने वाले लड़के, दोस्तों के साथ नई संगति में सिगरेट की कस लगाने वाले लड़के, क्लास में पीछे बैठ कर शोर करने वाले लड़के एक न एक दिन सफल हो जाते हैं।


लड़के जिनकी माँ से हो जाती हो अनबन पर फिर आकर मांगी हो माफी, लड़के जिनके कारण पिता की आंखों में आया होगा आंसू का कतरा मगर फिर गले से लगा लिया गया हो ..वे लड़के भी सफल हो जाते हैं


लड़के जो बहनों को टोकते हैं अक्सर,पर करते है खुद से भी ज्यादा प्यार रखते है उनका सबसे अधिक ख्याल;वो भी सफल हो जाते है


लड़के जिन्होंने रुलाया होगा प्रेमिका को हर बार लेकिन उठाया नहीं होगा हाथ, लड़के जिनके दोस्तों से होती होंगी रोज लड़ाइयां; वे भी सफल हो जाते हैं


लड़के जो करते हैं नारीवाद का विरोध मगर थामे रहते हैं मुश्किलों में औरतों का हाथ;वो भी सफल हो जाते हैं


लड़के जो नहीं जाते किसी मंदिर या मजार पर  बांधते है माँ का दिया धागा;वो भी सफल हो जाते हैं


लड़के जो मन का ना होने पर करते हैं अपनो का विरोध पर टूटने नहीं देते उनसे अपने रिश्ते की डोर; वो भी सफल हो जाते है


मगर वे लड़के जो दिल देकर मुकर जाते हैं, लड़के जिन्हें कीमत नही होती अपनों की,लड़के जो परिवारों में डालते हैं फुट; कभी सफल नही हो पाते


लड़के जिनकी नज़रें रहती हैं महिलाओं के छातियों पर, लड़के जिन्हें अपनी जरूरत सबसे प्यारी होती है; वे कभी सफल नही

 हो पाते 


वे लड़के भी सफल नही होते जो पिता को भरी दोपहरी खेत में अकेला काम करता छोड़ आये हों, लड़के जो नए शहर में जाकर भूल जाते हैं माँ की दी गयी सीख; वे कभी सफल नही हो पाते


लड़के जिनकी आंखों में बूढ़े इंसान के लिए कोई करुणा न हो , लड़के जो चाहते हैं कि बात सिर्फ उनकी सुनी जाए; वे भी सफल नही हो पाते 


वो लड़के भी सफल नही हो पाते जो ठुकराते हैं अन्न का थाल और 

 उछालते अपनी ब्यहता का बाजार में मान


लड़के जो नहीं बढ़ाते कभी मदद का हाथ उन्हें रहता है खुद पर ही गुमान

लड़के जो नहीं कर पाते किसी का भी सम्मान वो लड़के सफल नहीं हो पाते


लड़के जो उठाते है किसी मजलूम का फायदा, लेते है उसकी बद्दुआ 

जिनके चेहरे पर आती है किसी को मार कर मुस्कान 

मानिये बात 

जिंदगी के एक तकाज़े पर वो भी असफल हो जाते हैं।

Tuesday, 18 May 2021

प्रेम में सबसे प्यारा क्या होता है ?

सबसे प्यारा होता है लंबी रिंग के बाद किसी के फ़ोन का उठ जाना


सबसे प्यारा होता है किसी से ये सुनना की ' आज पता है क्या हुआ'


सबसे प्यारा तो होता है बाहों की शीतलता को सपनों में लपेट लेना 


और सबसे प्यारा होता है मेरे कहे पर यकीन कर लेना 


सबसे प्यारा तो चुम्बन भी होता है जो होंठो से नही चुटकियों से दी जाती हैं 



अचानक किसी रोज बेवजह की फिक्र और गुड मॉर्निंग मेसेज भी प्यारा होता है 


सबसे प्यारा फ़ोन पर साँसों को सुनना होता है और ये बताना की नींद में कई बातें  हुईं जो जागते में नही की जा सकी




सबसे प्यारा तुम्हारा मुझे 'तुम बहुत बुरे हो' कहना होता है क्योंकि उसके बाद उमड़ता है अथाह प्रेम जिसकी लहर बुरे होने के छाप को बहा रही होती है



सबसे प्यारा  रुंधी  आवाज़ में 'आई लव यू' सुनना होता है जो सुन तो कान रहे होते हैं पर सिहरन रोम रोम में हो रही होती है


प्यारा तो पसीने वाला हाथ भी होता है और चुभने वाला कंधा भी जिसपर कोई "चांदनी" बन अपने जज्बातों में डूब चुका होता है


सबसे प्यारा बालों का बिखरना होता है जिसमें कोई हर पल उलझ रहा होता है पर ये सुलझने से ज्यादा सुकूनदेह होता है


और सबसे प्यारा होता है "कुत्तों का भौकना"


Thursday, 25 March 2021

सब ठीक हो जाएगा.

 'सब ठीक हो जाएगा' इतना कह देने से सब कहाँ ठीक हो पाता है। क्या सब ठीक करने के लिए लगती होंगी हज़ारों मिन्नतें, कई वायदे और आइंदा न होने का भ्रम । कितने हिस्से और कितने टुकड़ों में बिखर के बोलना होता होगा कि सब ठीक हो जाएगा मगर सब ठीक होना होता तो ये कहना क्यों होता और अगर कहना है तो होने पर संशय है। सब ठीक कर देने की बात को तो बस कह भर देना होता है लेकिन सोचता कौन है कि कितना बिगड़ा है और गर बिगड़ा है तो तुम्हारा हाथ कितना था । बस हम ठीक कर देने की बात कर आते हैं और सामने वाले को एक झूठी मृगतृष्णा दिखा आते हैं जबकि हमें खुद नही पता होता कि सब ठीक होगा या नही । बस सब ठीक हो जाये पर क्या पता जब ठीक हो तब कोई इस ठीक होने की चाहत को भुला चुका हो।

Thursday, 27 August 2020

क्यों सब छूट रहा है

 ये दिन ढलता क्यों नही, धूप जाती क्यों नही 


हरे भरे रास्ते अब बूढ़े हो चले हैं, रात में जलने वाले बल्ब अब बुझते क्यों नही 


बातें हुईं इतनी की सच मैं भूलने लगा

कोई क्या करेगा प्रेम जब खुद के लिए इतनी नफरत दबाये हैं


चांद अब दिखता क्यों नही है ,आसमान अब रिस्ता क्यों नही है


आंखों की तिजोरियों में कई सपनें संजोये हैं

दूर गांव मैंने भी फूलों के तकिये बिछाये हैं


तो क्या हुआ अब जो सांस थमने लगी, चंचल आंखे अब कही जमने लगी



सवाल इतने कम क्यों  होने लगे हैं

सफर अब घटने क्यों लगा है 


हम कितने बेदाग थे जो ये दाग लगने लगा


हम कितने बेआवाज थे जो ये आवाज़ अब दबने लगा


माघ की सर्दी अब भादो में क्यों लगती है 


रिश्ते कई अब क्यों इतने ठंडे हो चले है 


ये दिन ढलता क्यों नही ,धूप जाती क्यों नही 


ताकि रात आ सके और कोई उस अंधरे में सो सके इन सब उलझनों दे दूर

Monday, 3 August 2020

मी-लार्ड की राखी.

रक्षाबंधन का अर्थ होता है रक्षा करने वाला बंधन. ये बंधन बहनें अपने भाइयों को बांधती हैं और ज़रूरी नहीं कि भाई खून का संबंध रखता हो. रिश्ता बस विश्वास भर का होना चाहिए फिर चाहे राम हो या रहीम फ़र्क़ नहीं पड़ता. इसी बीच मध्यप्रदेश हाइकोर्ट में लड़की से छेड़छाड़ के मामले में एक आरोपी को जज ने इस शर्त पर ज़मानत दी कि वो उस लड़की से जाकर राखी बंधवायेगा और शगुन में ग्यारह हज़ार रुपये देगा. मुझे इस देश के न्यायव्यवस्था के विवेक पर शंका होती है..क्या ये सही तरीका था उस लड़की के लिए जिससे उस लड़के ने छेड़छाड़ की होगी और अब वो उससे रक्षा की उम्मीद रखने लगेगी? न्यायालय भी उस खाप पंचायत की तरह काम करने लगा है जहां किसी लड़की के बलात्कारी की सज़ा ये होती है कि वो लड़की से शादी कर ले.

जब कोर्ट अपने काम का तरीका बदल कर समाज में उदाहरण पेश करके वाहवाही टोहने लगती हैं तब कहीं एनकाउंटर और इंस्टेंट जस्टिस जैसी चीज़ भी दूसरे धड़े से आने लगती हैं. हम समाज के तौर पर बहुत अविकसित हैं इन सब स्टंट के लिए और कोई भी न्याय ऐसा नहीं होना चाहिए जैसे मध्यप्रदेश के उज्जैन की रहने वाली उस महिला के साथ हुआ वरना कोर्ट एक्सपेरिमेंट करता रह जायेगा और समाज कोर्ट की पहुँच से दूर हो जाएगा फिर कानून के लंबे हाथ किसी काम के नहीं रह जाएंगे.

Sunday, 12 July 2020

लॉकडाउन के बाद हम लंच पर एक ही इंसान के साथ रहेंगे। चाय भी उसी के साथ पी लेंगे। घूमना-फ़िरना भी उन्हीं के साथ हो जाएगा। कुछ और होना होगा तो वो भी उन्हीं के साथ हो जाएगा! जब ज़िन्दगी भर ये सारे काम एक ही इंसान के साथ करने हैं तो अलग़-अलग़ लोगों के साथ रहकर क्या करेंगे हम!
ज़रूरत हुई तो बताई भी जाएगी लेकिन बता कर भी क्या करेंगे हम और ज़रूरत हुई तो जताई भी जाएगी लेकिन जता के फिर क्या करेंगे हम.

Saturday, 4 July 2020

धन्यवाद

धन्यवाद सबको जिन्होंने जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं,मुबारकबाद या विश किया. जब कभी उदास होऊंगा तो आपकी लिखी शुभकामनाओं को पढ़ लूंगा, कितना अच्छा होता है जन्मदिन वाला दिन...भूल चुके लोग आपको फिर से एक बार याद कर लेते हैं. कभी कभी खुद पर संशय होता है कि जितना आप पर यकीन किया जाता है वो किया जाना चहिये या नही, जितना प्रेम किया जा रहा हो वो किया जाना चाहिए या नही. जवाब एक ही होता है 'सब भोलेनाथ की कृपा है'। धन्यवाद इस दिन को इतना सुंदर बनाने के लिए दोस्तों. इसे याद रखा जा सकता है. पीस आउट.